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प्रेम
संज्ञा
पिछला
अगला
परिभाषा -
स्त्री और पुरुष जाति के प्राणियों के बीच का पारस्परिक स्नेह जो बहुधा रूप, गुण, सान्निध्य या कामवासना के कारण होता है
वाक्य में प्रयोग -
हीर राँझा, शिरी फरहाद, ढोला मारू आदि का प्रेम अमर हो गया है।
समानार्थी शब्द -
प्रीति
,
प्यार
लिंग -
पुल्लिंग
प्रेम
संज्ञा
पिछला
अगला
परिभाषा -
किसी चीज़, व्यक्ति आदि बहुत अच्छी लगना या उसको बहुत पसंद करने का भाव
वाक्य में प्रयोग -
उसने आम बड़े चाव से खाया।
समानार्थी शब्द -
चाव
,
प्यार
लिंग -
पुल्लिंग
प्रेम
संज्ञा
पिछला
अगला
परिभाषा -
लाड़-दुलार
वाक्य में प्रयोग -
माँ-बाप बच्चों से बहुत प्यार करते हैं। / चाचा नेहरू को बच्चों से बहुत स्नेह था।
समानार्थी शब्द -
स्नेह
,
प्यार
लिंग -
अज्ञात
प्रेम
संज्ञा
पिछला
अगला
परिभाषा -
मन का वह भाव जो किसी प्रिय वस्तु के प्राप्त होने या कोई अच्छा और शुभ कार्य होने पर होता है
वाक्य में प्रयोग -
उसका जीवन मज़े में बीत रहा है।
समानार्थी शब्द -
प्रसन्नता
लिंग -
अज्ञात