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श्लेष
संज्ञा
पिछला अगला
  • परिभाषा - किसी वाक्य आदि में प्रयुक्त वह शब्द, वाक्यांश आदि जिसके एक से अधिक अर्थ निकलें
  • वाक्य में प्रयोग - सुवरन को खोजत फिरे कवि,व्याभिचारी,चोर में सुवरन श्लेष है।
  • लिंग - पुल्लिंग
  • एक तरह का - शब्द
श्लेष
संज्ञा
पिछला अगला
  • परिभाषा - साहित्य में एक शब्दालंकार जिसमें ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है जिनके अनेक अर्थ होते हैं और वे प्रसंगों के अनुसार कई तरह से अलग-अलग घटते हैं
  • वाक्य में प्रयोग - मधुबन की छाती को देखो,मुरझाई कितनी कलियाँ में कलियाँ के दो अर्थ हैं,एक फूलों के खिलने के पहले की अवस्था तथा दूसरा नवयवना के लिए है इसलिए यह श्लेष अलंकार है।
  • समानार्थी शब्द - श्लेष अलंकार , श्लेषलंकार
  • लिंग - पुल्लिंग
  • एक तरह का - शब्दालंकार
  • प्रकार - अभिन्नपद , अभंगपद , अप्रकृतआश्रितश्लेष
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