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52521: भार-~तीय भाषाओं के बड़े समाचार पत्रों में उत्कृष्ट छपाई के िए कई पुरस्कार `नई दुनियाँ' को मिे हैं.
52522: दो पृष्ठों से आरम्भ किया गया यह पत्र वर्तमान में छह बड़े पृष्ठों वाे समाचार-पत्र के रूप में विद्यमान है.
52523: गभग एक या डेढ़ वर्ष बाद श्री क्ष्मीचन्द नानोरिया ने `इंदौर समाचार' के सम्पादन का भार सम्भाा.
52524: गभग १९६० तक `इंदौर समाचार' मध्यप्रदेश का ोकप्रिय समाचार-पत्र रहा.
52525: पुरूषोत्तम विजय की फड़कती हुई शैी, बेवाक सम्पादकीयों तथा खोजपूर्ण समाचारों के कारण `इंदौर समाचार' की धाक मध्य प्रदेश के बाहर भी जम गई.
52526: १ जून, १९७१ से सुरेश सेठ इस पत्र का संचान कर रहे हैं. वर्तमान में सोहन मेरहा इस पत्र के प्रधान सम्पादक हैं.
52527: आर्यावर्त्त--दरभंगा नरेश कामेश्वर सिंह ने इण्डियन नेशन प्रेस पटना से १९४१ में आर्यावर्त्त का प्रकाशन प्रारम्भ किया.
52528: इसके प्रथम सम्पादक पं. दिनेश दत्त झा थे. उनके बाद ब्रजनन्दन आजाद तथा श्रीकांत ठाकुर विद्यांकार इसके सम्पादक रहे.
52529: २० वर्ष के सम्पादन के बाद विद्यांकार ने हिन्दी के इस श्रेष्ठ पत्र की बागडोर १ जून, १९६८ में जयकांत मिश्र को सौंपी.
52530:को पटना से बिहार जर्निमिटेड ने अपने अंग्रेजी दैनिक `सर्चाइट' के साथ हिन्दी दैनिक `प्रदीप' का शुभारम्भ किया.
52531: प्रारम्भ के कुछ मास तक `भारत', प्रयाग के शंकर दया श्रीवास्तव इसके सम्पादक रहे.
52532: उनके `आर्यावर्त्त' में चे जाने पर `भारत' के पं. राधेश्याम शर्मा ने जीवन पर्यन्त (२० वर्ष तक) `प्रदीप' का सम्पादन बड़ी सेवाभाव और गन से किया.
52533: आजक इसके सम्पादक हैं--रामसिंह. `प्रदीप' बिड़ा समूह का पत्र है.
52534: राष्ट्रीयता ही इस पत्र का मुख स्वर है. आज--हिन्दी-समाचार पत्रों के इतिहास में `आज' का प्रकाशन उेखनीय घटना थी.
52535: काशी के बाबू शिवप्रशाद गुप्त हिन्दी में ऐसे दैनिक पत्र की क्पना ेकर विदेश भ्रमण से ौटे (१९१९ ई.) जो `न्दन टाइम्स' जैसा प्रभावशाी हो.
52536: गुप्तजी ने ज्ञानमण्ड की स्थापना की और ५ सितम्बर, १९२० ई. को `आज' का प्रकाशन हुआ और प्रकाशजी इसके प्रथम सम्पादक बने.
52537: १९२४ ई. से ेकर १३ अगस्त, १९४२ ईं. तक पराड़करजी `आज' के प्रधान सम्पादक रहे.
52538: इन तीन दशकों में `आज' और पराड़करजी ने हिन्दी पत्रकार-का को नया स्वरूप, नई गति और नई दिशा प्रदान की.
52539: `आज' ने हिन्दी पत्रकारिता का मानदण्ड स्थापित किया. दिी से काशी तक अपना हिन्दी दूर मुद्रण यन्त्र गाने वाा यह पहा पत्र था.
52540: राष्ट्रपति मुद्रास्फीति, ोकतन्त्र, स्वराज्य, वातावरण, कार्रवाई, अन्तर्राष्ट्रीय और चाू जैसे शब्द हैं.

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